परिचय
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), पूसा समस्तीपुर जिले के पूसा प्रखंड में स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष 1946 में हुई थी। स्थापना के बाद से ही यह संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में निरंतर समर्पित रहा है। उत्कृष्ट सुविधाओं, नवाचारपूर्ण पहलों और शिक्षकों के लिए व्यापक कार्यक्रमों के माध्यम से DIET पूसा ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
इतिहास एवं पृष्ठभूमि
DIET पूसा का इतिहास वर्ष 1946 से प्रारंभ होता है। स्थापना के समय इसका उद्देश्य प्राथमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा के स्तर को सुदृढ़ करना और प्रशिक्षित शिक्षकों का निर्माण करना था। समय के साथ शिक्षा क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं के अनुसार संस्थान ने स्वयं को विकसित किया। आज DIET पूसा, समस्तीपुर उत्कृष्टता का प्रतीक बन चुका है और राज्य भर से प्रशिक्षुओं को आकर्षित करता है। यह संस्थान बिहार सरकार तथा एनसीटीई (NCTE) द्वारा मान्यता प्राप्त है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण की परंपरा
DIET पूसा समस्तीपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र का एक अग्रणी संस्थान है। यहाँ पूर्व-सेवा प्रशिक्षण (Pre-Service Training) के अंतर्गत डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed.) पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है। साथ ही सरकारी विद्यालयों के भावी शिक्षकों के लिए आमने-सामने (Face-to-Face) प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है।
संस्थान का मुख्य उद्देश्य कुशल, सक्षम एवं उत्तरदायी शिक्षकों का निर्माण करना है, जो नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।
वर्तमान भूमिका
यह संस्थान शिक्षकों को (पूर्व-सेवा एवं सेवाकालीन) आधुनिक शिक्षण विधियों, बाल मनोविज्ञान, कक्षा प्रबंधन, पाठ योजना निर्माण, उपलब्धि परीक्षण निर्माण, प्रभावी मूल्यांकन प्रणाली, शिक्षण अभ्यास, शैक्षिक भ्रमण, कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों के माध्यम से व्यावसायिक विकास का प्रशिक्षण प्रदान करता है।
DIET पूसा प्रशिक्षुओं को हर क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करता है। यह संस्थान ज्ञान, संवेदनशीलता और नवाचार से युक्त शिक्षकों को तैयार करने की मजबूत नींव रखता है, जो समाज के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस प्रकार, DIET पूसा केवल एक प्रशिक्षण केंद्र ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील, नवाचारी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों का निर्माण करने वाला एक प्रमुख संस्थान है, जो आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है।
शैक्षणिक कार्यक्रम
वर्ष 2024–2025 में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में हुए/द्वारा किये गए प्रमुख कार्यक्रम एवं पहल:
1) डीएलएड कोर्स
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), पूर्णिया में डीएलएड कोर्स में नामांकन 150 छात्र/छात्राएँ नवाचारी शैक्षणिक गतिविधियों (जैसे सेमिनार, कार्यशाला, व्याख्यान, गतिविधि आधारित शिक्षण, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग आदि) के द्वारा अपना कोर्स पूरा कर भावी शिक्षक बनने को अग्रसर हैं।
सत्र 2024–25 में प्रथम वर्ष के 150 प्रशिक्षु एवं द्वितीय वर्ष के 150 प्रशिक्षु करीब–करीब शत-प्रतिशत सफलता के साथ यह शैक्षणिक उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।


2) विद्यालय अनुभव कार्यक्रम
संस्थान में चल रहे D.El.Ed कोर्स के अन्तर्गत विद्यालय अनुभव कार्यक्रम (SEP) एक व्यावहारिक कार्यक्रम है जो प्रशिक्षुओं को दोनों वर्षों में विद्यालय व्यवस्था को सीखने एवं समझने का अवसर देता है। करीब 19 लब विद्यालयों में SEP-I और SEP-II के अन्तर्गत निम्नलिखित कार्य करते हैं
a. कक्षाओं अवलोकन
b. कक्षा शिक्षण
c. पाठ्य सहगामी क्रियाएं (बागवानी, खेल, पाक कला, पेंटिंग, सांस्कृतिक गतिविधियां, चेतना सत्र योगा, पेपर क्राफ्ट, TLM बनाना एवं उपयोग करना, मेहंदी लगाना, TLM प्रदर्शनी, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस तथा अन्य महत्वपूर्ण दिवस का समारोह, साइबर सुरक्षा गतिविधि एवं अन्य)
d. एक्शन रिसर्च
e. बच्चों से बातचीत इत्यादि।


राष्ट्रीय अविष्कार दिवस
SCERT, Patna द्वारा दिए गए निर्देशों के आलोक में 26 अगस्त 2024 को पूरे समस्तीपुर में राष्ट्रीय अविष्कार दिवस मनाया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों की जिज्ञासा को अतिशय प्रोत्साहित एवं उनके अनुभवों के प्रति लगाव उत्पन्न करना था।
उक्त कार्यक्रम में डी०एल०एड० (2023-25) द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं द्वारा कई तरह की गतिविधियाँ जैसे पेंटिंग, मॉडल निर्माण, पोस्टर निर्माण एवं वाद-विवाद का आयोजन किया गया।


पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण
05 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) के अवसर पर डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने हेतु व्याख्यानों एवं प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम भी किया गया।



